Self SUPPORTING PERSONS Group नियमावली
SSPG की स्थापना 21 जुलाई 2024, गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर की गयी है। SSPG व्यक्ति का, व्यक्ति के लिए, व्यक्ति के द्वारा सहयोग हेतु बनाया गया उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा समूह है जो सरकारी के साथ - साथ गैर सरकारी तथा संविदा कर्मी कामकाजी व्यक्तियों को जोड़ता है। SSPG से जुड़ने से पूर्व समस्त सदस्य SSPG द्वारा बनाये गए समस्त नियमों एवं शर्तों का भली भांति अध्ययन कर लें। नियम एवं शर्तों का भली भांति अध्ययन करने तथा सहमति उपरांत रजिस्ट्रेशन फॉर्म Website अथवा Mobile APP के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करके जुड़ सकते हैं। SSPG से जुड़ने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाता है। यह व्यक्ति की स्वयं की इच्छा पर निर्भर करता है।
SSPG का संचालन SSPG ट्रस्ट (रजिस्ट्रेशन नंबर 18/2024) करता है।
मुख्य नियम (सदस्यो हेतु)-
1- SSPG का गठन सरकारी कर्मचारियों के साथ - साथ संविदा कर्मी तथा गैर सरकारी कामकाजी - पंजीकृत संस्था कर्मचारियों के लिए किया गया है।
2- SSPG से जुड़ने हेतु आवश्यक सूचना सम्बन्धी फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन किया जाना अनिवार्य है। फॉर्म में दी गयी सूचना सत्य एवं सही है, इसकी घोषणा व्यक्ति को करना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की सूचना गलत/असत्य पाए जाने पर सदस्यता समाप्त करने का अधिकार समिति के पास होगा।
3- SSPG की सहयोग, नियम या अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं हेतु WHATSAPP GROUP "SSPG" बनाया गया है। सभी सूचनाओं से अपडेट रहना सदस्य की स्वयं की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए SSPG कोई रियायत नहीं देता है।
4- SSPG की व्यवस्था सहयोग राशि ₹ 100/ वार्षिक निर्धारित है। जिसकी सहायता से सदस्य की फ़ाइल, डिजिटल आई कार्ड, हेल्प लाइन नंबर, कार्यालय सपोर्टिंग स्टॉफ, वेबसाइट, एप्प आदि उपलब्ध कराये जायेंगे।
(NOTE - दुर्घटना, सेवानिवृत, भविष्य में कन्यादान, आदि कुछ सुबिधाएँ हैं जो बार्षिक सदस्यता /व्यवस्था शुल्क देने पर ही उपलब्ध रहेंगी। अतः सदस्यों में समानता की भावना बनाये रखने हेतु यह शुल्क अनिवार्य किया जा रहा है। जिससे सदस्यों में असमानता की भावना पैदा न होने पाए।)
(रजिस्ट्रेशन शुल्क से सदस्य की फ़ाइल हार्ड कॉपी में तैयार करना, डिजिटल आई कार्ड जारी करना, तथा उसके डाटा को हस्तलिखित रूप में तैयार करना आदि कार्य कराये जायेंगे।)
5- वर्तमान में प्रति सदस्य सहयोग राशि ₹ 200/ प्रति सदस्य निर्धारित की जाती है। सदस्य बढ़ने की स्तिथि में यह सहयोग राशि कम करने का अधिकार कोर टीम के पास होगा।
6- SSPG में 'जो सहयोग करेगा, वही सहयोग का अधिकारी होगा।' यह नियम प्रति सदस्य/पदाधिकारी पर समान रूप से लागू होगा।
7- SSPG में सहयोग हेतु 30 दिन का सामान्य लॉगिन पीरियड रखा गया है। लॉगिन पीरियड का तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 01 अगस्त को रजिस्ट्रेशन करता है और उसके साथ दुर्घटना/मृत्यु 30 अगस्त तक हो जाती है तो सहयोग नहीं किया जायेगा। यदि सदस्य द्वारा लॉगिन पीरियड में सहयोग किया गया है तो इसके बदले में लॉगिन पीरियड में दुर्घटना/मृत्यु होने पर उसके/ उसके नॉमिनी द्वारा सहयोग का दावा नहीं किया जा सकेगा। यदि सदस्य की मृत्यु/दुर्घटना 31 वें दिन अर्थात लॉगिन पीरियड के बाद होती है तो SSPG द्वारा उसका सहयोग कराया जायेगा। चाहे उसे सहयोग का अवसर मिला हो अथवा नहीं।
8- लॉगिन पीरियड के दौरान समस्त सहयोग अनिवार्य होंगे।
9- गंभीर बीमारी की स्थिति में लॉगिन पीरियड की अवधि 90 दिन होगी। (शेष नियम, नियम 6 के ही लागू रहेंगे।)
10-यदि कोई सदस्य रजिस्ट्रेशन करते समय अथवा बाद में किसी गंभीर बीमारी के हो जाने पर अपनी प्रोफाइल में दर्ज/अपडेट नहीं करता है तो तथ्य गोपन की श्रेणी में मानते हुए उसका सहयोग किया जाना संभव नहीं होगा। (गंभीर बीमारी की श्रेणी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा सूचीबद्ध की गयी बीमारियों से मान्य होगी।)
11-दुर्घटना/बीमारी की स्तिथि में यदि किसी सदस्य की स्थिति गंभीर है और उसे 10 (दस) दिन या उससे अधिक दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है तब SSPG द्वारा अपने पास उपलब्ध राशि और लाभार्थियों के अनुसार सहयोग प्रस्तावित है। जो अधिकतम 20000/(बीस हजार) होगा।
12-SSPG दुर्घटना/बीमारी की स्थिति अति गंभीर होने तथा अत्यधिक खर्च होने की स्थिति में सदस्य या नॉमिनी द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र देने पर तथा परीक्षणोपरांत तत्समय चल रही सहयोग राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत सहयोग राशि प्रति सदस्त से जमा करने हेतुअपील करेगा।
13-दुर्घटना सहयोग राशि के साथ SSPG लाभार्थी के पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता है। यदि दुर्भाग्यबस सदस्य नहीं बचता या बाद में मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में सदस्य की मृत्यु के समय चल रही सहयोग राशि का 50 प्रतिशत सहयोग राशि प्रति सदस्य से जमा करने हेतु निवेदन किया जायेगा।
14-SSPG में दुर्घटना की स्थिति में लॉगिन पीरियड 30 (तीस) दिन ही रहेगा।
15-दुर्घटना/बीमारी की अवस्था में सहयोग सदस्य के खाते में ही भिजवाया जायेगा। उसके संचालन की जिम्मेदारी उसके परिवारी जनों की होगी।
16-SSPG कोर टीम दिवंगत सदस्य के एक से अधिक नॉमिनी होने की स्थिति में दूसरे नॉमिनी को सहयोग सुनिश्चित करने हेतु स्वविवेक एवं स्वतः हस्तक्षेप करने को स्वतंत्र होगी। जिस पर लाभार्थी द्वारा किसी भी प्रकार का कानूनी या गैर कानूनी कदम नहीं उठाया जा सकेगा। लाभार्थी या उसके परिवार द्वारा संस्था के प्रति मिथ्या आरोप लगाने/भ्रम फैलाने/दुष्प्रचार करने या दुर्व्यवहार करने पर सहयोग की गयी राशि वापस करवाकर किसी अन्य दिवंगत परिवार को हस्तान्तरित करवाने का अधिकार कोर टीम रखती है। ऐसे मामलों में टीम कानूनी कार्यवाही के लिए भी स्वतंत्र होगी।
17-SSPG द्वारा आत्महत्या के मामले में कोई सहयोग नहीं किया जायेगा।
18-आत्महत्या या हत्या के मामले में यदि नॉमिनी ही दोषी पाया जाता है तो SSPG कोई सहयोग नहीं करेगा।
19-गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु होने पर यदि मृत्यु का कारण कुछ और दर्शाया जाता है तो उसके पुख्ता प्रमाण देने होंगे। यदि कोर टीम उस प्रमाण से संतुष्ट होगी तो ही माना जायेगा अन्यथा मृत्यु का कारण बीमारी ही माना जायेगा। इस तरह के मामलों में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार पूरी तरह से कोर टीम के पास होगा।
20-SSPG सहयोग के आव्हान हेतु अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करके निर्णय लेने को भी स्वतंत्र होगा। वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहाँ उचित समझेगा, अपने स्तर से परिक्षण करने को स्वतंत्र होगा। कोई भी सदस्य/नॉमिनी सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा बल्कि SSPG नैतिक रूप से सहयोग करवाने का प्रयास करेगा।
21-सहयोग के दौरान या उसके बाद किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे या हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दी जाय तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी वह धनराशि उक्त सदस्य के खाते में वापस करने हेतु बाध्य होगा। परन्तु इस हेतु SSPG गारंटी नहीं ले सकेगा किन्तु नियमानुसार गलती से भेजी गयी धनराशि को वापस करवाने हेतु सार्थक व् पूर्ण प्रयास करेगा।
22-सहयोग प्राप्त करने हेतु सभी सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्य बनने के साथ ही समस्त सहयोग करने के बाद सहयोग की रसीद whatsapp ग्रुप, एप्प और वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
23-यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या बीच में किसी का सहयोग न किया गया तो ऐसी स्थिति में वह वैधानिक/योग्य सदस्य नहीं होगा। ऐसे सदस्य निम्नलिखित नियमों के तहत अपनी वैधानिकता/योग्यता सक्रिय कर सकेंगे।
23(A)- ऐसे सदस्य जो जुड़ने के उपरांत लगातार सहयोग करते आ रहे हैं, अगर इनका कोई सहयोग ब्रेक होता है तो उस सदस्य की वैधानिकता समाप्त हो जाएगी। परन्तु एक बार वैधानिकता समाप्त होने पर लगातार 03 सहयोग करके सदस्यता पुनः बहाल की जा सकेगी। 03 सहयोग पूरा होने तक वह सदस्य सहयोग प्राप्त करने हेतु वैद्य/योग्य नहीं होगा। 03 सहयोग पूरा करने पर वह सदस्य वैधानिक सदस्य हो जायेगा। ऐसी स्थिति में उसका लॉगिन पीरियड 03 सहयोग ही होगा।
NOTE- यह अवसर एक सदस्य को एक ही बार दिया जा सकेगा। साथ ही यह ध्यान रखना अनिवार्य होगा कि बीच में अधिकतम 02 सहयोग ही ब्रेक हुए हों।
23(B)- ऐसे सदस्य जिन्होंने रजिस्ट्रेशन के बाद सहयोग नहीं किया है यदि वह स्वतः क्रियाशील होकर वैधानिक सदस्य बनकर सहयोग करना प्रारम्भ करते हैं। अथवा ऐसे सदस्य जिनके बीच में 02 से अधिक किन्तु 05 से कम सहयोग ब्रेक हुए हों, दोनों ही स्थिति में 05 सहयोग करने के बाद ही सदस्यता बहाल मानी जाएगी। लगातार 05 सहयोग ही उनका लॉगिन पीरियड होगा।
NOTE- यह अवसर एक सदस्य को एक ही बार दिया जा सकेगा। साथ ही यह भी ध्यान रखना अनिवार्य होगा की बीच में अधिकतम 05 सहयोग ही ब्रेक हुए हों।
23(C)- ऐसे सदस्य जिनके 05 से अधिक सहयोग ब्रेक हुए हों उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। ऐसे सदस्यों को पुनः सक्रिय होने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस (पेनल्टी) ₹ 500/ (पांच सौ रूपये) अदा करनी होगी। ऐसे सदस्यों के लिए लॉगिन पीरियड 5 लगातार सहयोग ही होगा।
NOTE (a)- यह अवसर 01 सदस्य को एक ही बार दिया जा सकेगा। साथ ही यह भी ध्यान रखना अनिवार्य होगा कि अधिकतम 07 सहयोग ही ब्रेक हुए हों। शेष शर्ते नियम -06 की ही लागू रहेंगी।
NOTE (b)- 07 से अधिक सहयोग ब्रेक होने पर सदस्य की सदस्यता पुनः बहाल करना सम्भव नहीं होगा। ऐसा सदस्य SSPG का सदस्य नहीं होगा।
24- यदि कोई सदस्य पूर्व में सभी सहयोग के दौरान सहयोग तिथि तक वैधानिक सदस्य था। परन्तु गतिमान सहयोग के दौरान सहयोग तिथि समाप्त होने से पूर्व उसकी मृत्यु हो जाती है और वह सहयोग नहीं कर पाता है तो यह मानते हुए यदि वह जीवित होते तो पूर्व की भांति सहयोग करते, उसे लाभ का पात्र माना जायेगा। परन्तु यदि सहयोग तिथि समाप्त होने के बाद मृत्यु होती है तो गतिमान सहयोग से छूट का लाभ नहीं दिया जा सकेगा।
पात्रता -
- SSPG में आवेदन करते समय अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। (आयु प्रमाणपत्र के रूप में हाईस्कूल का अंकपत्र अथवा आधार कार्ड एवं पेन कार्ड (दोनों) ही मान्य होंगे।
- सदस्य अपने परिवार का मुखिया/कमाने वाला/भरण पोषण करने वाला हो।
- सदस्य की सदस्यता अधिकतम 65 वर्ष की आयु तक ही वैद्य रहेगी।
- अधिकतम आयु सीमा पूर्ण करने पर तथा सदस्य रहते हुए ग्रुप से कोई सहयोग न प्राप्त करने वाले जीवित सदस्य को प्रोत्साहन राशि (उपहार) देकर सम्मान सहित विदा किया जायेगा।
- यह प्रोत्साहन राशि समूह अपने पास उपलब्ध बजट से अपनी क्षमतानुसार प्रदान करेगा। इस हेतु कम या ज्यादा का कोई दावा या विवाद स्वीकार नहीं किया जायेगा।
- विवाद की स्थिति में समूह प्रोत्साहन राशि से इन्कार भी कर सकता है। इसके लिए सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी।
NOTE -
- सदस्यों द्वारा अपना सहयोग सीधा सदस्य अथवा उसके नॉमिनी को दिया जाता है। अतः आपके द्वारा दिए गए सहयोग के बदले सहयोग प्राप्त करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होगा। यह पूरी तरह सदस्यों की स्वेच्छा पर निर्भर करेगा। SSPG द्वारा अपील करने पर सहयोग कम/ज्यादा या न आने की दशा में SSPG जिम्मेदार नहीं होगा। क्यों कि SSPG सिर्फ सहयोग की अपील करता है। अतः किसी तरह की देनदारी के लिए कानूनी अधिकार मान्य नहीं होगा।
- यदि कोई सदस्य कोई तथ्य छुपाकर या बिना पात्रता पूरी किए SSPG से जुड़ जाता है और सहयोग कर देता है तो उसे असंवैधानिक मानते हुए उसका कोई दावा मान्य नहीं किया जायेगा।
- SSPG किसी भी सदस्य को जबरन या दवाब देकर सदस्य नहीं बनाता है। सदस्य को नियम स्वीकार करके ही सदस्य बनने का विकल्प प्रदान किया जाता है। स्वेच्छा से कोई भी सदस्य कभी भी खुद को अलग कर सकता है।
(भविष्य में जरूरतों को देखते हुए नियमों में परिवर्तन करने का अधिकार SSPG कोर टीम के पास होगा। विवाद की स्थिति में कोर टीम के पास निर्णय लेने का अधिकार सुरक्षित होगा।)
किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट/WHATSAPP GROUP पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी
SSPG का मूल सिद्धांत
ज़ब तक सहयोग करते रहेंगे, सहयोग पाने के हक़दार रहेंगे।
कमल यादव
(संस्थापक/अध्यक्ष)